इश्क़ में पड़ना और इश्क़ करना दोनों में काफ़ी फ़र्क होता है. इश्क़ किसी को किसी से हो सकता है लेकिन इश्क़ को निभाना हर किसी के लिए सम्भव नहीं होता. कई लोग एहसासों की इस लड़ाई में ज़ल्दी ही हार जाते हैं, पर कुछ ऐसे होते हैं जो एहसास के उलझे रेशों को ताउम्र सुलझाने की हिम्मत और शिद्धत दिखाते हैं. हमदर्द साथी कहानी है, निभाने वाले इश्क़ की, जिसमें रिश्ते को सुंदर रूप देने के लिए दो प्रेमी अपना सब कुछ देने को तैयार हैं. सुनिए मोहब्बत की ऐसी कहानी जो आपको और बेहतर ढंग से प्रेम करना सिखाएगा.