आज एमी का स्कूल का पहला दिन है, और वह थोड़ी घबराई हुई है। उसे हिम्मत देने के लिए उसकी माँ उसे प्यार से गले लगाती हैं, एक मुड़ा हुआ कागज़ दिखाती हैं और उसे एमी की जेब में रखकर कहती हैं कि जब भी उसे थोड़ी मदद या हिम्मत की ज़रूरत महसूस हो, तब वह उसे खोलकर देख ले। पूरे दिन एमी नए दोस्तों से मिलती है, दोपहर का भोजन करती है और खेल के मैदान में खेलती है। लेकिन जब वह गिरकर अपने दोनों घुटने छिलवा लेती है और उसे स्कूल की नर्स के पास जाना पड़ता है, तब क्या वह अपनी जेब में रखा वह मुड़ा हुआ कागज़ खोलेगी? स्नेहपूर्ण और प्रेरणादायक अंत वाली यह कहानी छोटे बच्चों के स्कूल के पहले दिन की घबराहट को कम करने और उनमें आत्मविश्वास जगाने का सुंदर संदेश देती है।