जब नन्हे भालू की मम्मी को फ्लू हो जाता है और वे बिस्तर पर आराम कर रही होती हैं, तब पापा भालू नाश्ता बनाने की ज़िम्मेदारी अपने हाथ में लेते हैं। लेकिन उन्हें जल्द ही एहसास होता है कि स्वादिष्ट नाश्ता बनाना उतना आसान नहीं है, जितना उन्होंने सोचा था। आखिरकार पापा भालू एक मज़ेदार उपाय निकालते हैं और नन्हे भालू को बाहर नाश्ता कराने ले जाते हैं। मधुर संगीत, वास्तविक ध्वनि-प्रभावों और सरल भाषा से सजी "नन्हे भालू का नाश्ता" की यह प्यारी कहानी परिवार के प्यार, साथ बिताए गए खास पलों और एक-दूसरे की देखभाल का सुंदर संदेश देती है तथा बच्चों को पढ़ने का आनंद लेने के लिए प्रेरित करती है।